Category: आवारा

देवी के धाम से हिमालयी नजारादेवी के धाम से हिमालयी नजारा

बड़े हिल स्टेशनों की चमक-दमक में अक्सर हम उनके आसपास की ज्यादा खूबसूरत जगहों को भूल जाते हैं। सैलानी ज्यादा लोकप्रिय जगहों पर ही आकर अटक जाते हैं। ऐसी ही बात सुरकंडा देवी के मंदिर के बारे में भी कही जा सकती है। सुरकंडा का मंदिर देवी का महत्वपूर्ण स्थान है। दरअसल गढ़वाल के इस इलाके में […]

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केरल की आबोहवा में होकर तरोताजाकेरल की आबोहवा में होकर तरोताजा

सेहत के लिए सैरः केरल आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के लिए भी प्रसिद्ध है। दुनियाभर से लोग अद्भुत प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ उसकी चिकित्सा में खुद को चुस्त-दुरुस्त करने आते हैं ………………….. लाट पर गिरकर कपाट के साथ बहते गर्म तेल से मानो भीतर की सारी थकान, जड़ता पिघल-पिघल कर नीचे रिस रही थी। मेरे लिए यह […]

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परंपराएं जोड़ती व तोड़ती नंदा राजजात यात्रापरंपराएं जोड़ती व तोड़ती नंदा राजजात यात्रा

नंदा होमकुंड से कैलाश के लिए विदा हो गईं- रास्ते के तमाम कष्टों व तकलीफों को झेलते हुए। लेकिन नंदा को पहुंचाने होमकुंड या शिलासमुद्र तक गए यात्रियों के लिए नंदा को छोड़कर लौटने के बाद का रास्ता ज्यादा तकलीफदेह था। भला किसने कहा था कि चढ़ने की तुलना में पहाड़ से उतरना आसान होता […]

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सतरंगी यात्रा का रोमांचसतरंगी यात्रा का रोमांच

आली बुग्याल बेदनी से महज तीन-चार किलोमीटर की दूरी पर है। खूबसूरती में भी वो बेदनी बुग्याल के उतना ही नजदीक है। कुछ रोमांचप्रेमी घुमक्कड़ आली को ज्यादा खूबसूरत मानते हैं। मुश्किल यही है कि आली को उतने सैलानी नहीं मिलते जितने बेदनी को मिल जाते हैं। जानकार लोग आली की इस बदकिस्मती की एक […]

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किसी नई सैरगाह पर इस बारकिसी नई सैरगाह पर इस बार

इम्तिहान खत्म और गर्मियों की छुट्टियों का मौसम शुरू। घूमने और अपने भीतर के सैलानी को बाहर निकालने का बहुप्रतीक्षित समय। लेकिन इस बार अपनी उसी पुरानी लिस्ट को किनारे रखें- शिमला, कुल्लू-मनाली, देहरादून-मसूरी, दार्जीलिंग, श्रीनगर, ऊटी, नैनीताल से आगे के विकल्प सोचें। ये सारी जगहें खूबसूरत हैं लेकिन सैलानियों की भीड़ से भरी हैं। यहां […]

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परदेसी परिंदों के नजारेपरदेसी परिंदों के नजारे

हवा में ठंडक कम हुई है। लेकिन सर्दी अभी गई नहीं है। हजारों किलोमीटर दूर सुदूर उत्तर के यहां से भी ज्यादा ठंडे इलाकों से प्रवासी पक्षी भारत में कई जगहों पर अभी बसेरा बनाए हैं। ऐसा वे हर साल करते हैं। बड़ी लंबी व दुष्कर उड़ान के बाद उनका अपने तय ठिकानों पर हर […]

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कहां करें लहरों से अठखेलियांकहां करें लहरों से अठखेलियां

जब उत्तर भारत में मौसम सर्द हो तो समुद्र के किनारे जाकर रेत में पसरकर धूप सेंकने से ज्यादा सुकून भरा अहसास और क्या हो सकता है। भारत की यही खासियत है कि आप एक ही देश में कुछ घंटों के सफर में ही मौसम को दगा दे सकते हैं। भारत का समुद्र तट बहुत […]

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पिघलते सूरज में नए साल का जश्न- समंदर की लहरों मेंपिघलते सूरज में नए साल का जश्न- समंदर की लहरों में

कल आपने पढ़ा हिमालय से जुड़ी दो जगहों के बारे में। आज जानिए समुद्र से जुड़ी उन दो जगहों के बारे में जहां आप बीते साल का आखिरी सूर्यास्त या नए साल का पहला सूर्योदय देख सकते हैं- कन्याकुमारी का संगम: कन्याकुमारी हमारे देश की मुख्यभूमि का आखिरी सिरा है। यहां अद्भुत समुद्री संगम है। […]

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पिघलते सूरज में नए साल का जश्न- हिमालय की गोद मेंपिघलते सूरज में नए साल का जश्न- हिमालय की गोद में

साल की आखिरी शाम को विदा करने और नए साल की पहली सुबह का स्वागत करने का ख्याल कुछ अलग ही तरीके से रोमांचित करता है। लेकिन हममें से ज्यादातर अपने आसपास की होटलों या रेस्तराओं की न्यू ईयर पार्टियों या डिनर से आगे सोच ही नहीं पाते। आखिरकार जाते साल की आखिरी शाम हमारे […]

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पन्ना टाइगर रिजर्वः हीरा है सदा के लिएपन्ना टाइगर रिजर्वः हीरा है सदा के लिए

पन्ना एक समय अपने हीरों और संपन्न वन्य संपदा के लिए जाना जाता था। दोनों ही लिहाज से वहां नाटकीय रूप से गिरावट आई। लेकिन उसके बावजूद पन्ना नेशनल पार्क व टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश में बाघों को देखने के लिए सबसे खूबसूरत प्राकृतिक माहौल है। विशाल केन नदी के साये में, घाटियों, पठारों, घास […]

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