Skip to content
Friday, October 16
  • About Me
  • Cart
  • Checkout
  • Home
  • My account
  • Portfolio
  • Shop

VAGABOND IMAGES

World through my eyes

VAGABOND IMAGES

World through my eyes

  • India
  • International
  • News
  • Photogallery
  • Adventure
  • Promotions
  • Reviews
  • Cruise
  • About Me
  • My account
  • India
  • International
  • News
  • Photogallery
  • Adventure
  • Promotions
  • Reviews
  • Cruise
  • About Me
  • My account
Trending Now
  • Why every traveler should take a ghost tour at least once
  • How to kill a wetland, India style
  • The Pied Kingfisher story
  • How to prepare yourself for the Kedarkantha winter trek
  • Kuari Pass trek: A scenic winter sojourn in the Garhwal Himalayas
  • A journey through time and fragrance in Singapore
Home>>आवारा>>सफर (Page 2)

Category: सफर

आवारासफर

कान्हा: एशिया में सर्वोत्तम में से एक

Upendra SwamiOctober 28, 2013 1506 Views0

मध्य प्रदेश में कान्हा टाइगर रिजर्व को कई मायने में बांधवगढ़ का जुड़वां भी कहा जाता है। साल व बांस के जंगल, घास के मैदान, जलधाराएं, ये सब घोड़े की नाल की शक्ल वाली घाटी में फैले 940 वर्ग किलोमीटर के इस पार्क को शक्ल देती हैं। इसे 1974 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत गठित किया गया था। मांडला व बालाघाट जिलों की मैकाल रेंज में स्थित यह पार्क सूखी जमीन पर रहने वाले दुर्लभ बारहसिंघा की गिनी-चुनी जगहों में से एक माना जाता है। यहां की खूबसूरती, व्यवस्था और वन्य जीवों के संरक्षण की बदौलत इसे एशिया क सबसे बेहतरीन नेशनल पार्को में से एक माना जाता है। वन्यप्रेमियों के लिए यह बड़ा आकर्षण है। 1930 के दशक तक कान्हा दो अभयारण्यों में बंटा था और ये दोनों इस इलाके की दो प्रमुख नदियों हेलोन व बंजार के नाम पर थे। यहां के इलाके में पठारों के अलावा समतल तले वाली घाटियां भी हैं। पानी से उनकी मिट्टी चिकनी हो जाती...

Read More
Adventureआवारासफर

पेंचः चलें मोगली से मिलने

Upendra SwamiOctober 24, 2013 1606 Views0

पेंच टागर रिजर्व में इंदिरा प्रियदर्शिनी पेंच नेशनल पार्क व मोगली पेंच सेंक्चुअरी, दोनों शामिल हैं। यहां बाघ देखने के लिए सबसे शानदार व आकर्षक माहौल है। कहा जाता है कि यहां शाकाहारी जानवरों का सबसे ज्यादा घनत्व है। पार्क मध्य भारत में सतपुड़ा पहाड़ियों के दक्षिणी ढलानों में स्थित है और यह छिंदवाड़ा व स्योनी जिलों के अलावा महाराष्ट्र में नागपुर जिले की सीमाओं को भी छूता है। पेंच नदी इस पार्क को दो हिस्सों में बांटती है और यही इस पार्क की जीवनरेखा भी है। इस समय जहां टाइगर रिजर्व है, उसका इतिहास बड़ा शानदार रहा है। उसकी प्राकृतिक संपदा का जिक्र आइने-अकबरी तक में मिलता है। प्राकृतिक इतिहास की अन्य कई किताबों में भी इसका बखूबी जिक्र है। आर.ए. स्ट्रैंडेल की आत्मकथात्मक किताब ‘स्योनी’ ही दरअसल रुडयार्ड किपलिंग की जंगल बुक की प्रेरणा थी। मोगली की याद है न! और बघेरा व शेर खान! किपलिंग को अपन...

Read More
Adventureआवारासफर

बांधवगढ़: भारत की बाघ भूमि

Upendra SwamiOctober 21, 2013 1620 Views0

छोटा लेकिन बेहद रोमांचक। बांधवगढ़ में बाघों का अनुपात भारत में किसी भी और टाइगर रिजर्व की तुलना में सबसे ज्यादा है। जाहिर है, इसलिए यहां बाघ को देखने की संभावना भी लगभग तय रहती है। रणथंबौर की ही तरह बांधवगढ़ ने भी बाघप्रेमियों को कई शानदार बाघों का तोहफा दिया है, जैसे कि चार्जर, सीता व बी-2 जिन्होंने अपनी शख्सियत के चलते लोगों के दिलों पर राज किया। बांधवगढ़ को श्वेत बाघों का देश भी कहा जाता है। सालों तक रीवा रियासत के पुराने इलाकों में सफेद बाघ मिलते रहे। नेशनल पार्क बनाए जाने से पहले बांधवगढ़ के आसपास के जंगल रीवा के महाराजाओं के लिए शिकारगाह के तौर पर रखे जाते थे। भारत में बाघ देखने के लिए सबसे लोकप्रिय टाइगर रिजर्वों में से एक बांधवगढ़ है। शहडोल जिले में विंध्य पहाड़ियों के एक किनारे पर स्थिति बांधवगढ़ 448 किलोमीटर इलाके में फैला है। इन पहाड़ियों में सबसे शानदार बांधवगढ़ ही है जो सम...

Read More
आवारासफर

विश्व पर्यटन दिवस विशेष- मालदीवः जन्नत है यहां

Upendra SwamiSeptember 27, 2013 1206 Views0

इस साल(2013)  का विश्व पर्यटन दिवस आज मालदीव में मनाया जा रहा है। इस मौके पर मालदीव की अद्भुत यात्रा पर एक लेख प्रस्तुत है, जो मैंने तीन साल पहले लिखा था। ................................................................................... हम माले के अहमदी बाजार में राजधानी की सबसे बडी एंटीक व सोवेनियर दुकान में थे। सारे सेल्समैन मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद द्वारा एक दिन पहले कोपेनहेगन में विश्व जलवायु सम्मेलन में दिए गए भाषण को बडे ध्यान से सुन रहे थे। ईमानदारी से कहूं तो मैंने किसी हिंदुस्तानी को राष्ट्रपतियों या प्रधानमंत्री के भाषणों को इतने ध्यान से सुनते नहीं देखा। लेकिन जब इस धरती की एक नायाब रचना के अस्तित्व का ही सवाल हो तो, इतनी गंभीरता लाजिमी ही थी। कई लोगों ने अक्टूबर में मालदीव की कैबिनेट द्वारा पानी के अंदर की गई बैठक को भले ही टोटका समझा हो, लेकिन मालदीव जाकर...

Read More
आवारासफर

सेतुबंध के ये रामेश्वर

Upendra SwamiSeptember 4, 2013 2510 Views2

राम की कथा से रामेश्वरम का गहरा नाता उसे मिथकों में वही दर्जा दिला देता है जो देश के तमाम पौराणिक शहरों को हासिल है। इसमें कोई शक नहीं कि रामेश्वरम की ज्यादातर महत्ता रामनाथस्वामी मंदिर के लिए है, लेकिन रामेश्वरम की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक खूबसूरती उसे बाकी लिहाज से भी आकर्षण का केंद्र बनाती है धनुष्कोडी से रामेश्वरम लौटते समय इस नजारे की कल्पना मैंने नहीं की थी। जब रामेश्वरम नजदीक आने लगा और मेरी निगाहें अचानक समुद्र की ओर गईं तो मैं किनारे से थोड़ी ही दूर हजारों की तादाद में फ्लेमिंगो देखकर अचंभित रह गया। दुनिया के इस हिस्से में पाए जाने वाले ग्रेटर फ्लेमिंगो भारत के कई तटीय इलाकों में दिख जाते हैं। चिलिका झील के नलबन द्वीप में मैं फ्लेमिंगो देख चुका था, लेकिन यहां वे काफी नजदीक थे और खासी बड़ी संख्या में भी। रामेश्वरम की इस खासियत के बारे में मुझे नहीं पता था। फ्लेमिंगो देखने...

Read More
सफर

ये वादियां मेरा दामन

Upendra SwamiAugust 21, 2013 1232 Views0

कश्मीर में श्रीनगर, गुलमर्ग, सोनमर्ग व पहलगाम से आगे भी बहुत कुछ है। दरअसल कश्मीर में आप जिस ओर निकल जाएं, खूबसूरत वादियां पसरी पड़ी हैं, सब एक से बढ़कर एक। इनमें से बहुत कम से ही हम वाकिफ हैं। इस बार कश्मीर जाएं तो ऐसी ही किसी नई वादी में जाएं, जो अब तक देखी न हो। इन्हीं में से एक यूसमर्ग की सैर... कश्मीर के लोग एक बड़ी मजेदार बात कहते हैं। कहने को श्रीनगर पहाड़ है और जम्मू मैदान, लेकिन जम्मू शहर पहाड़ी पर बसा है और जम्मू से सड़क के रास्ते श्रीनगर आएं तो पूरा रास्ता पहाड़ी है। जैसे ही काजीगुंड के बाद श्रीनगर की ओर बढ़ते हैं तो  सत्तर किलोमीटर का आगे का पूरा रास्ता सपाट है, मानो आप मैदान में सरपट रेस लगा रहे हों। यही हाल श्रीनगर से आप कहीं भी जाएं तो मिलेगा। श्रीनगर से पहलगाम तक मैदान ही मैदान है। गुलमर्ग के रास्ते में तनमर्ग तक सपाट मैदान है। कश्मीर की खूबसूरती ही इतनी ऊंचाई पर

Read More
सफर

केरल जाने का सबसे खूबसूरत समय

Upendra SwamiAugust 13, 2013 1446 Views0

केरल का मानसून गोवा की ही तरह खास है। हरा-भरा, हर तरफ हरियाली, पानी और मस्ती। इसीलिए यहां नदियों व पानी के सबसे ज्यादा उत्सव इन्ही दिनों में हुआ करते हैं। केरल की सबसे लोकप्रिय बोट रेस प्रतिस्पर्धाएं मानसून में ही होती हैं, जिन्हें देखने के लिए दुनियाभर से सैलानी जुटते हैं। एक झलक केरल में इन दिनों होने वाले आयोजनों पर- नेहरू ट्रॉफी बोट रेस: अल्लपुझा के बैकवाटर्स में स्थित पुन्नमडा झील में होने वाली यह बोट रेस सबसे प्रसिद्ध है। हर साल अगस्त महीने के दूसरे शनिवार को होने वाली इस रेस का इस साल आयोजन 10 अगस्त को हुआ है। इस आयोजन में चुंदन वेलोम (स्नेक बोट) की पारंपरिक दौड़ के अलावा पानी पर झांकियां भी होती हैं। इस दौड़ को देखना अपने आप में दुर्लभ अनुभव है। पय्यपड़ बोट रेस: अल्लपुझा में ही पय्यपड़ नदी में एक अन्य बोट रेस हुआ करती है। नेहरू ट्रॉफी बोट रेस के बाद स्नेक बोट की सबसे बड़ी रेस ...

Read More
सफर

विजय का नगर: हंपी

Upendra SwamiAugust 8, 2013 2267 Views2

हंपी के कुछ हिस्सों में घूमते हुए कई बार लगता नहीं कि हम पांच सौ साल पुराने इतिहास के बीच हैं। सब कुछ इतना जीवंत लगता है। वहां जाकर महसूस होता है कि जीत का अहसास कितनी भव्यता प्रदान करता है और हार उस भव्यता को किस कदर मटियामेट कर देती है। हंपी में ये दोनों ही नजारे साथ-साथ देखने को मिलते हैं  ...............................................................  हेमकुटा पहाडि़यों पर बने इक्कीस शिव मंदिरों में से एक में मैंने बारिश से बचने के लिए अपने गाइड के साथ शरण ले रखी थी। पीछे विशाल चट्टानों से बहता पानी बहुत सुंदर लग रहा था। उसने छोटे-छोटे झरनों के आकार ले लिए थे। सामने विरुपाक्ष मंदिर के तीनों शिखर एक साथ दिखाई दे रहे थे। विरुपाक्ष मंदिर हंपी के उन गिने-चुने मंदिरों में से है जिनमें आज भी विधिवत पूजा होती है। विरुपाक्ष मंदिर के भीतर जितनी चहल-पहल थी,  उसके उलट हेमकुटा पहाड़ी स...

Read More
सफर

सिक्किमः कंचनजंघा की गोद में बसा स्वर्ग

Upendra SwamiAugust 3, 2013 2308 Views0

छोटा सा लेकिन प्राकृतिक दृष्टि से बेहद खूबसूरत राज्य सिक्किम हिमालय के ठीक पूर्वी छोर पर स्थित है। हिमालय से इसकी नजदीकी इतनी ज्यादा है कि इस पर दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंघा (8598 मीटर) की छत्रछाया मानी जाती है। यही वजह है कि सिक्किम कंचनजंघा को देवता की तरह पूजता है। प्राकृतिक रूप से भरा-पूरा और राजनीतिक दृष्टि से शांत यह राज्य हाल के सालों में बड़ी तेजी से पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरा है। सिक्किम के बारे में एक रोचक बात यह है कि यहां समुद्र तल से 224 मीटर से लेकर 8590 मीटर तक की ऊंचाई वाले स्थान है। बर्फीली चोटियां हैं तो घने जंगल भी। धान के लहलहाते खेत हैं और उछलती-कूदती नदियां भी। इसलिए यहां वनस्पति, फल-फूलों, वन्य प्राणियों आदि की जो जैव-विविधता देखने को मिलती है, वह बड़ी दुर्लभ है। राज्य चार जिलों में बंटा हुआ है और चारों के नाम चार दिशाओं पर रखे गए ...

Read More

Posts pagination

1 2

Adventure

Why every traveler should take a ghost tour at least once

Upendra SwamiJune 8, 2026

How to prepare yourself for the Kedarkantha winter trek

Pratyush SoganiDecember 12, 2023

Kuari Pass trek: A scenic winter sojourn in the Garhwal Himalayas

Pratyush SoganiNovember 29, 2023

When the blood is spilled and goddess becomes happy!

Upendra SwamiAugust 29, 2023

Cruise

A ‘Spike’ for Space Cruiser on Global Dream

Upendra SwamiJanuary 10, 2020

Romancing at the most exclusive suite on sea

Upendra SwamiFebruary 12, 2019

Norwegian Jewel ready after Bow-to-Stern renovation

Upendra SwamiNovember 15, 2018

Your own ‘Haven’ at Norwegian Cruise Line’s private sanctuary at sea

Upendra SwamiOctober 9, 2018

Top Travel Photography Blogs

Badge for Top 10 Travel Photography Blogs – India 2018

I’m an IndiBlogger!


IndiBlogger - The Largest Indian Blogger Community

Top Travel Blogger

Want to get a Quick VISA!

Indian travel bloggers who inspire your wanderlust

Rayna Tours

Like Vagabond Images

Like Vagabond Images

Tweety

Tweets by swamiupendra

Top Class

Musical Clock, Salarjung Museum
Home
Pang : Thrill of being at highest transit camp in the world
Siberian Tigers make a comeback in China
Stepping into History - Neemrana Bawadi
Daughter breastfeeds prisoned father and gets immortalised!
Whispering winds, hovering clouds and a ghost which wasn’t there!
Kashmir we know less about : Aishmuqam Dargah
Raneh Falls : Rare and Breathtaking!
Flowers of trekking: Sighting of rare Brahma Kamal

My Journey

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Jun    

Blog Stats

  • 502,475 hits

On my footsteps

Enter your email address to follow this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 3,218 other subscribers

SEE ME ON BLOGADDA

Visit BlogAdda.com to discover Indian blogs

You can rate my Blog

Archives

RSS FEEDS

  • RSS - Posts
  • RSS - Comments

Categories

Copyright © 2023 UPENDRA SWAMI for Vagabond Images. All Rights Reserved | WordPress
Loading Comments...