नंदा होमकुंड से कैलाश के लिए विदा हो गईं- रास्ते के तमाम कष्टों व तकलीफों को झेलते हुए। लेकिन नंदा को पहुंचाने होमकुंड या शिलासमुद्र तक गए यात्रियों के लिए नंदा को छोड़कर लौटने के बाद का रास्ता ज्यादा तकलीफदेह था। भला किसने कहा था कि चढ़ने की तुलना में पहाड़ से उतरना आसान होता है! चंदनिया घाट से लाटा खोपड़ी और फिर वहां से सुतौल तक की जो उतराई थी, वैसी विकट उतराई ट्रैकिंग के बीस साल से ज्यादा के अपने अनुभव में मैंने कम ही देखी-सुनी हैं। मुश्किल यह थी कि इसका किसी को अंदाजा भी न था। डर सब रहे थे ज्यूंरागली को लेकर और हालत पतली हुई नीचे उतर कर। ज्यूंरागली का अर्थ स्थानीय भाषा में मौत की गली होता है। रूपकुंड की तरफ से चढ़कर शिला समुद्र की ओर उतरने का यहां जो संकरा रास्ता है, ऊपर धार (दर्रे) पर मौसम का जो पल-पल बदलता विकट रुख है, उन सबको ध्यान में रखकर इसका यह नाम कोई हैरत नहीं देता।...
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आली बुग्याल बेदनी से महज तीन-चार किलोमीटर की दूरी पर है। खूबसूरती में भी वो बेदनी बुग्याल के उतना ही नजदीक है। कुछ रोमांचप्रेमी घुमक्कड़ आली को ज्यादा खूबसूरत मानते हैं। मुश्किल यही है कि आली को उतने सैलानी नहीं मिलते जितने बेदनी को मिल जाते हैं। जानकार लोग आली की इस बदकिस्मती की एक कहानी भी बताते हैं। किस्सा आली व ऑली में एक टाइपोग्राफी चूक का है। दोनों ही जगह उत्तराखंड में हैं। ऑली बुग्याल जोशीमठ के पास है और इस समय देश के प्रमुखतम स्कीइंग रिजॉर्ट में से एक है। कहा जाता है कि ऑली को मिलने वाली सुविधाएं आली को मिलनी तय थीं। लेकिन बस फैसला होते समय नाम में कोई हर्फ या हिजा इधर से उधर हुआ और आली की जगह ऑली की सूरत बदल गई। हालांकि मेरी नजर में ऑली के हक में एक बात और यह भी जाती है कि वह सड़क के रास्ते में है। जोशीमठ से ऑली के लिए सड़क भी है और रोपवे भी। आली यकीनन खूबसूरत है, लेकिन...
Read MoreA tent colony in clouds or on the edge of a cliff! A scene not common,considering the fact that this is at an altitude of almost 13 thousand feets, deep inside one of the most beautiful Himalayan interiors and at one of the most fascinating meadows- Bedni Bugyal. Not so common scene also because it would be next seen at least after 12 years, when next Nanda Devi Rajjat Yatra takes place. Only then again thousands of pilgrims (this time they were more than 20 thousand) will be reaching here and so many tents would be needed to accommodate them. A magnificent sight terrifying at the same time!! ...
Read MoreNanda Ghunti peak (6309 mts) peeking from clouds as seen from Bedni Bugyal (3354 mts), a Himalayan alpine meadow in Chamoli district of Uttarakhand. Bedni Bugyal makes the base for trek to mysterious lake of Roopkund. From Bedni sight of Trishul peak is equally amazing!
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